प्रदेश में शुरू होने जा रही नई इलेक्ट्रिक बसों के मॉडल में महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं। लगेज के लिए बने बॉक्स हटाकर अतिरिक्त सीटें लगाई जाएंगी, जिससे बस की सीटिंग क्षमता बढ़कर 32 हो जाएगी। इससे पीछे बैठने वाले यात्रियों को भी आगे का स्पष्ट दृश्य मिलेगा।
ट्रायल के लिए पहुंची बसों में करीब एक दर्जन तकनीकी सुधार प्रस्तावित हैं। Himachal Road Transport Corporation (एचआरटीसी) के उपाध्यक्ष अजय वर्मा ने बताया कि बसों का पूरे प्रदेश में परीक्षण जारी है। औसत रेंज 180 किलोमीटर तक बताई जा रही है, जबकि धर्मशाला क्षेत्र में 173–174 किलोमीटर का औसत सामने आया है।
अप्रैल तक 50% इलेक्ट्रिक बसें प्रदेश में पहुंचने की संभावना है। प्रति बस लगभग 1.71 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जबकि मेंटेनेंस संबंधित कंपनी द्वारा की जाएगी।


