Wednesday, May 6, 2026
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हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण जन कल्याण सभा के अधिवेशन में संविधान व संस्कारों पर मंथन

रेणुका गौतम, कुल्लू : हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण जन कल्याण सभा का साधारण अधिवेशन देव सदन कुल्लू में संपन्न हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में सभा के सदस्य पहुंचे। अधिवेशन में समाज के संशोधित संविधान, वैदिक पद्धति, संस्कारों सहित सनातन धर्म की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित रखने पर भी मंथन किया गया। अधिवेशन की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष मनमोहन गौतम द्वारा की गई। जबकि जिलाध्यक्ष देवराज शर्मा, प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में पूर्व सत्र न्यायाधीश डीडी शर्मा मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए। जबकि लीला गोपाल शर्मा, भूपिंदर गौतम सहित तमाम अधिकारी भी मौजूद रहे।अधिवेशन को संबोधित करते हुए मनमोहन गौतम ने कहा कि ब्राह्मण समाज को अपने संस्कारों, वैदिक मंत्रों और वैदिक पद्धति पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिकता की दौड़ में आज ब्राह्मण समाज अपने मूल संस्कारों और परंपराओं से दूर होता जा रहा है, जिसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की संस्कृति, पद्धति और संस्कारों को बचाने के लिए समाज को संगठित होकर कार्य करना होगा।उन्होंने कहा कि अधिवेशन में समाज के हितों, मूलभूत समस्याओं तथा भविष्य की दिशा तय करने के लिए गंभीर चिंतन किया गया।

साथ ही ब्राह्मण समाज के सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए ठोस रणनीति बनाने पर भी बल दिया गया।तो वहीं जिलाध्यक्ष देवराज शर्मा ने अपने संबोधन में धार्मिक पर्यटन स्थलों के विकास की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में धार्मिक स्थलों के संरक्षण और विकास से न केवल संस्कृति मजबूत होगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।मुख्यातिथि डीडी शर्मा ने सभा के संशोधित संविधान को प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित किया। इस दौरान संविधान में समाजहित से जुड़े विभिन्न प्रावधानों और सुधारों पर चर्चा की गई।अधिवेशन में समाज की एकता, संस्कारों की रक्षा और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का भी संकल्प लिया गया। कार्यक्रम के समापन मौके पर सभी सदस्यों ने ब्राह्मण समाज के उत्थान और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने की शपथ भी ली।

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