सरकाघाट : सरकाघाट के विधायक दलीप ठाकुर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकाघाट डिपो की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा वे पहले भी कई बार सरकार और निगम प्रबंधन के समक्ष उठा चुके हैं, लेकिन सरकार ने आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। परिणामस्वरूप आज सरकाघाट डिपो की लगभग 20 बसें टायरों और आवश्यक मशीनरी की कमी के कारण डिपो में खड़ी हैं, जबकि जो बसें सड़कों पर चल रही हैं, वे भी इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि आए दिन बीच रास्ते में खराब होकर खड़ी हो जाती हैं।
दलीप ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की लापरवाही के कारण एचआरटीसी की बसें यात्रियों के लिए सुविधा नहीं बल्कि परेशानी का कारण बन गई हैं। रोजाना किसी न किसी सड़क पर बस खराब होकर खड़ी मिल जाती है, जिससे यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते, विद्यार्थी स्कूल और कॉलेजों में देरी से पहुंचते हैं तथा कर्मचारी अपने कार्यालयों तक समय पर नहीं पहुंच पाते। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की परेशानियां सबसे अधिक बढ़ गई हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार परिवहन व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि बसों के लिए टायर तक उपलब्ध नहीं हैं। रखरखाव के अभाव में बसें लगातार खराब हो रही हैं और अनेक महत्वपूर्ण रूट प्रभावित हो चुके हैं। जनता से टैक्स वसूलने वाली सरकार जनता को सुरक्षित और सुचारु परिवहन सुविधा तक उपलब्ध नहीं करवा पा रही है।
विधायक ने कहा कि कांग्रेस सरकार का पूरा ध्यान केवल प्रचार तक सीमित है, जबकि धरातल पर एचआरटीसी की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। बसें सड़कों पर बीच रास्ते में जवाब दे रही हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं बल्कि लाखों यात्रियों की सुरक्षा के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है।
दलीप ठाकुर ने मांग की कि सरकाघाट डिपो में खड़ी सभी बसों के लिए तत्काल टायर और आवश्यक मशीनरी उपलब्ध करवाई जाए, जर्जर बसों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए तथा प्रभावित सभी रूटों पर नियमित बस सेवाएं बहाल की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया तो भाजपा जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और एचआरटीसी प्रबंधन की होगी।


