शिमला : जिला पुलिस शिमला की सजगता और त्वरित कार्रवाई से आज एक मासूम बच्चा सुरक्षित अपने परिवार तक पहुंच सका।
दिनांक 23 फरवरी 2026 को प्रातः लगभग 10:30 बजे संजौली चौक पर ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात पुलिस कर्मचारी को एक छोटा बच्चा काफी देर से रोता हुआ मिला। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ने तुरंत आसपास के लोगों से पूछताछ कर बच्चे के माता-पिता की जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। बच्चा अपनी कम उम्र के कारण अपना नाम-पता बताने में असमर्थ था और लगातार रो रहा था। ऐसे में पुलिसकर्मी ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे सुरक्षित रूप से थाना संजौली पहुंचाया।
थाना स्तर पर तुरंत कार्रवाई करते हुए संजौली क्षेत्र के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों से संपर्क कर बच्चे की पहचान संबंधी जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान पता चला कि इंजनघर आंगनवाड़ी केंद्र में इस नाम का बच्चा पूर्व में दाखिल रहा है। वहां से अभिभावकों का मोबाइल नंबर प्राप्त कर उनसे संपर्क किया गया और उन्हें थाना संजौली बुलाया गया।
पूछताछ में अभिभावकों ने बताया कि वे अपने दो बच्चों के दाखिले के लिए पहले राजकीय प्राथमिक पाठशाला संजौली गए थे। छोटे बच्चे अक्षित को वहीं छोड़कर वे बड़े बच्चे का दाखिला करवाने दूसरे स्कूल चले गए थे। सुबह की प्रार्थना के दौरान जब स्कूल स्टाफ बाहर गया, तो बच्चा वहां से निकलकर सड़क की ओर आ गया।
पुलिस द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद बच्चे को सकुशल उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। परिजनों ने पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।
जिला पुलिस शिमला आम जनता से अपील करती है कि छोटे बच्चों को सार्वजनिक स्थानों पर कभी भी अकेला न छोड़ें तथा उनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।


