रेणुका गौतम, कुल्लू : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश कपूर ने केंद्र की मोदी सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती का स्वागत करते हुए इसे देश की जनता के लिए “राहत-कवच” बताया है। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक संकट के बीच आम जनता को महंगाई से बचाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रहे हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार जनता को “महंगाई-दंश” देने का काम कर रही है।
अखिलेश कपूर ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है और कीमतें $120 प्रति बैरल के पार जाने की स्थिति में हैं। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में मोदी सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की कटौती कर इसे मात्र ₹3 कर दिया है, जबकि डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश की आम जनता, किसानों, बागवानों, ट्रांसपोर्ट सेक्टर और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत लेकर आया है और यह प्रधानमंत्री की जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्र के फैसले के विपरीत राज्य सरकार ‘VAT संशोधन विधेयक 2026’ के माध्यम से पेट्रोल और डीजल पर ₹5 प्रति लीटर का नया सेस लगाने जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम केंद्र सरकार द्वारा दी गई राहत को पूरी तरह बेअसर करने वाला है और यह सीधे तौर पर आम जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालने का प्रयास है।
उन्होंने आगे कहा कि इस सेस के लागू होने से हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक हो जाएंगी, जिससे ट्रांसपोर्ट और पर्यटन उद्योग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। साथ ही आम उपभोक्ताओं को भी रोजमर्रा की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ेगा।
कपूर ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि जो पार्टी चुनावों से पहले महंगाई कम करने के वादे करती थी, वही आज सत्ता में आने के बाद टैक्स बढ़ाकर जनता के साथ विश्वासघात कर रही है। भाजपा प्रवक्ता अखिलेश कपूर ने हिमाचल सरकार से मांग की है कि वह तुरंत इस जनविरोधी ‘कल्याण सेस’ के फैसले को वापस ले, अन्यथा भारतीय जनता पार्टी प्रदेश भर में जनता को साथ लेकर इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन छेड़ेगी और सरकार की नीतियों का खुलकर विरोध करेगी।

