पंच तत्वों से सृजित मानव जीवन, ‘ब्रह्म’ से मिलता असली अस्तित्व का ज्ञान — युवाओं को दिया गया गहन आध्यात्मिक संदेश
कुल्लू : जिला कुल्लू के ऐतिहासिक कार्यक्रम में संत निरंकारी मिशन के यूथ सिम्पोजियम के दौरान युवाओं को जीवन के मूल तत्वों से जुड़ी गहन आध्यात्मिक जानकारी प्रदान की गई। वक्ताओं ने समझाया कि यह सृष्टि पांच तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से बनी है और मानव शरीर भी इन्हीं पंच तत्वों का संयोजन है।
विशेष रूप से जल और वायु तत्व के माध्यम से शरीर के संचालन और जीवन की निरंतरता को समझाते हुए बताया गया कि जैसे जल जीवन को पोषित करता है, वैसे ही वायु प्राण का आधार है। इन तत्वों की पहचान और संतुलन ही स्वस्थ और संतुलित जीवन की कुंजी है।कार्यक्रम में युवाओं को यह भी बताया गया कि पंच तत्वों के अलावा एक छठा तत्व ‘ब्रह्म’ है, जो इन सभी का मूल स्रोत और नियंत्रक है। ब्रह्म के ज्ञान के बिना जीवन अधूरा है, क्योंकि यही तत्व मनुष्य को उसके वास्तविक अस्तित्व और उद्देश्य से परिचित कराता है।

वक्ताओं ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि वे पंच तत्वों की समझ के साथ ‘ब्रह्म ज्ञान’ को अपने जीवन में अपनाते हैं, तो वह न केवल स्वयं को मजबूत बना सकते हैं बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति भी बन सकते हैं।इस अवसर पर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और उन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को आत्मिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ाना रहा, जिससे वे एक बेहतर समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।सतगुरु माता ने संदेश दिया कि एन वाई एस के लिए बच्चों को नही रोकना चाहिए , छोटी सोच से अपना विशाल जीवन नहीं बनाया जा सकता।

