Monday, February 26, 2024
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बिजनेसमैन की होशियारी से नही हो पाई 8.95 लाख की ऑनलाइन ठगी

कारोबारी की सुझबूझ से बच गई 8.95 लाख की ऑन लाइन ठगी

शिमला : शिमला के मॉल रोड़ पर सोनी सेंटर के मालिक हरविंद्र सिंह एक बहुत बड़ी ठगी का शिकार होने से बचे । किसी शातिर व्यक्ति ने उन्हें बैंक कर्मचारी बन कर कॉल किया जो कि अपने घर को फर्निश करने के लिए और एलईडी ओर अन्य सामान की पैमेंट ऑनलाइन करने के लिए सोनी सेंटर के मालिक से उसके बैंक ऑफ इंडिया का अकाउंट नंबर पूछा रहा था । उन्होंने बैंक का अकाउंट नंबर दे दिया।
शिकायत में उन्होंने बताया कि थोड़ी देर बाद अमित का दोबारा फोन आया। उसने कहा कि इंटरनेट बैंकिंग नहीं हो रही है। वह बैंक के मैनेजर का मोबाइल नंबर उन्हें दे दे, वह सीधे अकाउंट में ही पैसे ट्रांसफर करवा देगा। हरविंद्र सिंह ने कहा कि उसके पास मैनेजर का
मोबाइल नंबर नहीं है। उन्होंने बैंक का लैंडलाइन नंबर उसे दे दिया।कुछ देर बाद बैंक के मैनेजर का फोन आया कि उनके पास एसएमएस आया है कि वह अपने बैंक से 8 लाख 95 हजार रुपए उदयपुर की ब्रांच में ट्रांसफर करवा दे। बैंक मैनेजर ने कंफर्मेशन के लिए पूछा कि क्या वे पैसा ट्रांसफर करवाना चाहते हैं। इसके बाद वह तुरंत बैंक की ब्रांच में पहुंचे। उन्होंने बैंक के मैनेजर को कहा कि उन्होंने ऐसा कोई भी एसएमएस नहीं भेजा है। उन्होंने बैंक मैनेजर से सारी घटनाक्रम के बारे में बताया और इसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत भेजी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बैंक प्रबंधन और कारोबारी की सुझबूझ से शिमला में बड़ी ऑन लाइन ठगी होने से बच गई।

यहा बता दे कि ऑन लाइन फ्रॉड के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे बचने का सबसे आसान और कारगर तरीका है कि आप कभी भी अपने कार्ड की कोई जानकारी किसी से शेयर न करें। किसी को भी कार्ड का पिन नंबरए सीवीवी नंबर और ओटीपी नंबरए न बताएं। बैंक ऐसी कोई भी जानकारी नहीं मांगते हैं। अगर ऐसा कुछ होता है या आपको कोई समस्या है तो आप बैंक कि ऑफिशियल वेबसाइट पर शिकायत करवाए। यदि कोई आपके साथ फ्रॉड करता है तो उसकी शिकायत पुलिस में करे। कई बैंक अपने ऐप पर कस्टमर केयर का नंबर डालकर रखते हैं। आप वहां से भी नंबर ले सकते हैं।

बैंकिंग लेनदेन के मामलों में हमेशा सचेत रहें

हिमाचल में एक साल में साइबर के 1500 मामले दर्ज हुए हैं। अज्ञात फोन नंबर पर अपना एटीएम नंबर या ओटीपी नंबर शेयर ना करें। यदि गलती से भी दूसरी बार ओटीपी शेयर किए तो आपके खाते से पूरे
पैसे उड़ा लिए जाएंगे। यदि किसी के साथ ऑनलाइन फ्रॉड हो गया है तो 24 घंटे के अंदर पुलिस को सूचना दें। ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत में देरी होती है तो पैसा वापिस आने के अवसर ना के बराबर होते हैं।
पुलिस लोगों को जागरूक करती है कि बैंकिंग लेनदेन के मामलों में
हमेशा सचेत रहें

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