धर्मशाला: शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन भी गरमाया, प्रश्नकाल या काम रोको—सदन में टकराव चरम पर
धर्मशाला में चल रहा शीतकालीन सत्र बुधवार को भी गरम माहौल के साथ आगे बढ़ा। कार्यवाही शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने–सामने आ गए। जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू करने की बात कही, संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने आग्रह रखा कि पहले दिन पेश किए गए काम रोको प्रस्ताव पर अभी पाँच विधायकों की चर्चा अधूरी है, इसलिए प्रश्नकाल को स्थगित कर यह बहस आगे बढ़ाई जाए।
इस पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर तुरंत खड़े हुए और सख्त आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सदन का संचालन “सरकार की मर्ज़ी” से नहीं चलेगा। कार्यसूची में प्रश्नकाल पहले निर्धारित है और इसमें जनता से जुड़े अहम सवाल शामिल हैं, जिन्हें टालना ठीक नहीं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि काम रोको प्रस्ताव तो विपक्ष ने ही नियम 67 के तहत लाया था, और मंगलवार को पंचायती राज चुनाव बड़ा मुद्दा था—लेकिन आज अचानक प्रश्नकाल पर जोर देकर विपक्ष खुद विरोधाभास पैदा कर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता है विपक्ष के भीतर ही एक राय नहीं है और अब वे चर्चा से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
संसदीय कार्य मंत्री ने दोबारा स्पष्ट किया कि “जब काम रोको प्रस्ताव स्वीकार हो चुका है और बाकी काम हटाया जा चुका है, तो प्रश्नकाल नहीं चल सकता।”
जयराम ठाकुर ने इसे सरकार की मनमानी बताते हुए कहा कि कार्यसूची होते हुए भी प्रश्नकाल को टालना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवालों के जवाब देने की स्थिति में नहीं है, इसलिए प्रश्नकाल से भाग रही है।
इस दौरान भाजपा विधायक विक्रम ठाकुर भी बोले और कहा कि सदन को कार्यसूची के अनुसार ही चलना चाहिए और सरकार स्पष्ट करे कि वह प्रश्नकाल से डर क्यों रही है।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि काम रोको प्रस्ताव जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का माध्यम है और इसे पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में नियम 67 के तहत प्रस्ताव को एक ही दिन में निपटाया जाएगा।
अंत में अध्यक्ष ने निर्णय सुनाया कि—
आज का प्रश्नकाल “पटल पर रखा हुआ” माना जाएगा, यानी सभी प्रश्न रिकॉर्ड का हिस्सा माने जाएंगे, लेकिन सदन में उत्तर नहीं दिए जाएंगे।
साथ ही, काम रोको प्रस्ताव पर ही चर्चा जारी रखी जाएगी।


