शिमला।
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती को संगठित और मजबूत स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कृषि विभाग को निर्देश दिए हैं कि प्राकृतिक खेती करने वाले सभी किसानों का पूरा डेटा 20 जनवरी, 2026 तक हिम परिवार पोर्टल से जोड़ा जाए। इस डेटा में किसानों से जुड़ा हर आवश्यक विवरण शामिल होगा, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभ वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री ने आज यहां कृषि विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों का ब्लॉक-आधारित डेटा तैयार कर उसकी समुचित मैपिंग की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए युवाओं को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाना आवश्यक है, ताकि किसान कम लागत में अधिक आय अर्जित कर सकें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार प्राकृतिक खेती आधारित व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वह इसी माह हमीरपुर में आयोजित प्राकृतिक खेती सम्मेलन में इस पद्धति से जुड़े किसानों से सीधा संवाद करेंगे और उनके अनुभवों तथा सुझावों को नीतियों में शामिल किया जाएगा।
‘हिम’ ब्रांड के तहत प्राकृतिक उत्पाद
बैठक में मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं, मक्की और कच्ची हल्दी से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बताया कि—
प्राकृतिक गेहूं के आटे को ‘हिम चक्की आटा’,
मक्की के आटे को ‘हिम भोग मक्की’,
कच्ची हल्दी को ‘हिम हल्दी’
ब्रांड नाम से बाजार में उतारा गया है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आटे की पैकिंग पर एक्सपायरी डेट और पोषण संबंधी जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाए। इसके साथ ही पोषण गुणवत्ता के आकलन के लिए विशेष इकाई गठित करने के भी निर्देश दिए गए।
किसानों को मिला सीधा आर्थिक लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्राकृतिक विधि से उगाई गई 606.8 मीट्रिक टन मक्की की खरीद की गई है, जिसके एवज में 2.31 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में डाले गए।
इसी तरह प्राकृतिक खेती से उत्पादित 2123 क्विंटल गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीद की गई और किसानों को 1 करोड़ 31 लाख 57 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए गए।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उगाई गई कच्ची हल्दी पर 90 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य देने के उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं। इस वर्ष 1629 किसानों से लगभग 2422 क्विंटल हल्दी के प्रापण का अनुमान है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि विभाग प्रदेश के 25 फार्मों में प्राकृतिक खेती पद्धति से विभिन्न फसलों का उत्पादन कर रहा है और इन उत्पादों के बेहतर विपणन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
बैठक में कृषि मंत्री प्रो. चन्द्र कुमार ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव रखे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, महाधिवक्ता अनूप रतन, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, सचिव सी. पालरासु व आशीष सिंहमार, निदेशक डीडीटीजी डॉ. निपुण जिंदल, निदेशक कृषि डॉ. रविन्द्र सिंह जसरोटिया, निदेशक बागवानी विनय सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


