Saturday, June 22, 2024
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जश्न मनाने की बजाये जनता से माफी मांगे सरकार : राणा

कहा : चुनावी दृष्टिपत्र पर सरकार ने नहीं डाली दृष्टि

हमीरपुर : सुजानपुर के विधायक एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राणा ने हिमाचल सरकार के शुक्रवार 27 दिसम्बर को आयोजित किए जा रहे दूसरे सालाना जश्न समारोह को लेकर आज सवालों में लपेटते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार चहुंमुखी विकास के लिए एक तथाकथित दृष्टि पत्र लेकर आई थी, लेकिन इस दृष्टि पत्र पर भाजपा 2 साल के अंदर अपनी नजर डालने तक का वक़्त नहीं निकाल पाई है।भाजपा का दृष्टि पत्र महज हिमाचल के लोगों की आंखों में विकास के नाम पर धूल झोंकने जैसा है। राज्य में 2 साल के अंदर मौजूदा भाजपा सरकार कोई भी ऐसा नया काम जनहित में शुरू नहीं कर पाई है, जिसके पूरा होने पर राज्य सरकार आज 2 साल का जश्न मनाने की स्थिति में हो। पूरे प्रदेश में आज आम लोगों को बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सड़क व शिक्षा की बदहाली झेलनी पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि सचिवालय में बैठे विभागों के निचले स्तर पर तैनात अधिकारी वर्ग मुख्यमंत्री से लेकर इनकी सरकार के किसी भी मंत्रियों तक की बात नहीं सुनते हैं। राज्य में भू माफिया से लेकर नशा माफिया और दवा माफिया, वर्दी खरीद माफिया राज्य सरकार के कंधों पर सवार हुआ बैठा है।राज्य में कानून व्यवस्था बुरी तरह से पटरी से उतरी हुई पड़ी है।वर्तमान प्रदेश सरकार अब तक के इतिहास के सबसे नकारी सरकार के रूप में साबित हुई है, जोकि अफसरशाही के हाथों की कठपुतली बनी हुई हैं।यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा है कि इन्वेस्टर मीट के नाम पर राज्य सरकार ने जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपए अपने ऐशोआराम पर फूंक दिए हैं। हिमुडा में जमीन खरीद के नाम पर भी करोड़ों रुपए का घोटाला हुआ है।पहले तो मौजूदा भाजपा सरकार राज्य के स्कूलों में पढ़ रहे हैं लाखों बच्चों को 2 साल तक भर्ती देने में नाकाम रहे और जब वर्दी देने की बात आई तो एकदम घटिया क्वालिटी की वर्दी बच्चों को दे दी गई है।इस खरीद में भी बड़े पैमाने पर सरकारी पैसे को चपत लगाई गई है।राणा ने कहा कि आयुर्वेदिक विभाग में भी बड़े पैमाने पर दवा खरीद में गड़बड़ियां हुई हैं, लेकिन राज्य सरकार इनकी विस्तृत जांच करवाने के बजाए अपनी सरकार की नाकामियों को छिपाने में लगे हुए हैं।
राजेंद्र राणा ने कहा कि भाजपा के नेता लंबे समय से दावे करते आ रहे हैं कि राज्य में डबल इंजन की सरकार चल रही है।केंद्र में भाजपा की सरकार है और राज्य में भी भाजपा की सरकार है, ऐसे में इसका फायदा निश्चित तौर पर राज्य के लोगों को होगा, लेकिन भाजपा के दावे भी बुरी तरह से धरातल पर पिट रहे हैं। राणा ने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार से 2 वर्षों के कार्यकाल में ही जनता का मोहभंग हो गया है और लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द हिमाचल में भाजपा की सरकार से मुक्ति हासिल करें। राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार को हिमाचल की आर्थिक स्थिति को देखते हुए फिजूलखर्ची से बचना चाहिए था, लेकिन उन्होंने अपने 2 साल के कार्यकाल में हिमाचल के कर्जे को पहले से कई हजार गुना बढ़ा दिया है जिसका सारा बोझ हिमाचल के आम लोगों पर पड़ने वाला है।कुल मिलाकर भाजपा राज्य में सरकार चलाने में पूरी तरह से विफल रही है। राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल सरकार में भाजपा नेता सिर्फ और सिर्फ अपने वजूद की लड़ाई लड़ रहे हैं और पार्टी के अलग-अलग गुटों में सत्ता का कड़ा संघर्ष चलने के कारण पार्टी नेताओं का पूरा ध्यान कुर्सी पर ही अटका पड़ा है जबकि हिमाचल में लोगों को बुनियादी सुविधाओं में आ रही भारी कमी के कारण बुरे दौर से गुजरना पड़ रहा है।हिमाचल के अस्पतालों में डॉक्टर नहीं है। इमरजेंसी में इलाज के लिए हिमाचल के अधिकतर अस्पतालों में न दवाएं लोगों को वक्त पर मिल पाती हैं और न ही उपकरण ही ऐसे अब तक सरकार अस्पतालों में स्थापित कर पाई हैं जिनसे कि लोगों को किसी भी आपातकालीन स्थिति में इलाज दिया जा सके। राजेंद्र राणा ने कहा कि राज्य वर्तमान में भाजपा सरकार के कार्यकाल में मुश्किल दौर से गुजर रहा है।ऐसे में राज्य सरकार को चाहिए था कि जश्न जैसे कार्यक्रमों में एक बार फिर राज्य सरकार का करोड़ों रुपए खर्च करने के बजाय इस पैसे को जन सुविधाओं के सृजन में लगाया जाता, लेकिन मौजूदा भाजपा सरकार अपनी नाकामी को छिपाने के लिए राज्य भर से शुक्रवार को जश्न के कार्यक्रम में करोड़ों रुपए सरकारी खाते से खर्च करके जनता के पैसे की बर्बादी करने पर तुली हुई है। जश्न में शामिल होने के लिए हिमाचल के अलग-अलग जिलों से लोगों को तरह-तरह के प्रलोभन देकर सरकारी गाड़ियों में शिमला ले जाया जा रहा है जिसके लिए पूरे प्रदेश के जिलों में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि यह हकीकत है कि इस तरह के खोखले जश्न से सिर्फ आम जनता के पैसे की बर्बादी होगी।

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