Thursday, May 30, 2024
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कुल्लू ने पार किया साढे तीन लाख पौधे लगाने का लक्ष्य: अरण्यपाल


मौहल में की जाएगी बाॅटेनिकल गार्डन की स्थापना

कुल्लू वन वृत ने पांच दिवसीय विशेष पौधारोपण अभियान के दौरान साढे तीन लाख पौधे लगाने के लक्ष्य को हासिल कर लिया है। 20 से 24 जुलाई तक यह अभियान सफलतापूर्वक चला। यह जानकारी आज यहां वन अरण्यपाल अनिल शर्मा ने पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि विभाग ने कुल्लू वृत में पौधारोपण के लिए कुल 62 स्थान चिह्नित किए थे तथा लगभग 400 हैक्टेयर भूमि पर पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया था। अनिल शर्मा ने बताया कि अभियान को कामयाब बनाने के लिए स्थानीय लोगों, महिला व युवक मंडलों, पंचायतीराज संस्थाओं और शिक्षण संस्थानों की सक्रिय सहभागिता रही। सभी जगहों पर लोगों ने स्वेच्छा से पौधारोपण के कार्य में भाग लिया। इस दौरान स्थानीय परिस्थितियों और लोगों की मांग के अनुसार विभिन्न प्रजातियांे के पौधे वन विभाग ने उपलब्ध करवाए।
अरण्यपाल ने बताया कि यह अभियान पूरी तरह सुनियोजित ढंग से चलाया गया तथा एक ऐप के माध्यम से इसकी रियल टाइम मानीटरिंग की गई। विभाग ने सभी चिह्नित स्थानों पर गड्ढे पहले ही तैयार करवा दिए थे तथा लोगों को मौके पर ही पौधे उपलब्ध करवाए।
उन्होंने बताया कि वन, परिवहन, युवा सेवाएं व खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने 20 जुलाई को खरसू का पौधा लगाकर गुलाबा से जिला स्तरीय पौधारोपण अभियान की शुरुआत की थी। गुलाबा में इस दिन 2 हैक्टेयर भूमि पर लगभग 2200 पौधे लगाए गए। वन मंत्री ने गुलाबा में 45 लाख रुपये की लागत से बनने वाला नेचर पार्क सैलानियों तथा स्थानीय लोगों को अनेक सुविधाएं प्रदान करेगा। 12 हैक्टेयर में बनने वाले इस पार्क में सैलानियों को वाॅकिंग व साइकलिंग ट्रेल के अलावा जिपलाइन और स्काई साईकलिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों तथा बड़ी पार्किंग की सुविधा भी मिलेगी।
अनिल शर्मा ने कहा कि वनीकरण, पौधारोपण व नर्सरियों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। इस संबंध में जितनी भी मांग व प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजे जाते हैं, वे तुरंत स्वीकृत हो जाते हैं। यही कारण है कि प्रदेश में वन आवरण में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की कि लोगों में जागरूकता आने से अब वनों में आगजनी की घटनाएं काफी कम हुई हैं और लोग जंगलों का अनावश्यक कटान भी नहीं कर रहे हैं। लोग अपनी निजी भूमि पर भी पौधारोपण कर रहे हैं जोकि पर्यावरण के लिए एक शुभ संकेत है।
अरण्यपाल ने बताया कि मौहल के नेचर पार्क के साथ ही बाॅटेनिकल गार्डन भी विकसित किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। इस गार्डन में अलग-अलग प्रजातियों के पेड़-पौधों के अलावा सजावटी पौधे भी लगाए जाएंगे। यह गार्डन स्थानीय लोगों तथा सैलानियों के लिए भ्रमण व आराम के लिए एक अतिरिक्त विकल्प होगा।
पत्रकार वार्ता में वन मंडल अधिकारी डा. नीरज चड्ढा भी उपस्थित रहे।

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