Friday, April 12, 2024
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कौल सिंह को ले लेना चाहिए राजनीतिक सन्यास : नंदा

  • सुंदर सिंह के बयान निंदनीय
  • कांग्रेस नेताओं के परिजन घर घर जाकर राहत राशि बांट केवल मात्र इसका श्रेय लेना चाहते है

शिमला, भाजपा मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा ने कहा कांग्रेस नेता सुंदर सिंह और कौल सिंह ठाकुर को सोच समझ के बयान बाजी करनी चाहिए। उन्होंने जिस प्रकार से नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के ऊपर टिप्पणी करी है वह निंदनीय है, जो व्यक्ति आपदा के संकट में जन सेवा के कार्य में दिन-रात लगा है उसके ऊपर इस प्रकार के आरोप-प्रत्यारोप करना इन अशोभनीय है।

उन्होंने कहा लगता है कांग्रेस नेता कॉल सिंह ठाकुर वरिष्ठ तो है ही, पर वरिष्ठ होते होते उनको राजनीतिक संयास ले लेना चाहिए।
इस आपदा की घड़ी में राजनीति कौन कर रहा है वह जगजाहिर है, कांग्रेस नेताओं को समझाने की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस नेता लगातार भाजपा के ऊपर टिप्पणियां कर जनता का ध्यान भटकने का प्रयास कर रहे हैं। प्रथम दिन से भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश संगठन, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल और समस्त नेताओं के नेतृत्व में नेता कार्यकर्ता धरातल पर जाकर सेवा कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा की केंद्र आपदा को लेकर 361 करोड रुपए की राशि हिमाचल प्रदेश को दी जा चुका है, यह इस कांग्रेस सरकार को दिखता नहीं है। अपितु इनके नेता, नेताओं के परिजन घर घर जाकर राहत राशि बांट केवल मात्र इसका श्रेय लेना चाहते है।
कांग्रेस शायद भूल गई है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र मंत्री अमित शाह, केंद्र मंत्री अनुराग ठाकुर, और राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने फोन करके मुख्यमंत्री से प्रदेश मे बाड़ के नुकसान के बारे में जानकारी ली थी। यहां तक कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने स्वयं मंडी कुल्लू का दौरा किया था।

लगता है कांग्रेस के नेता आपसी अंतरकलह से परेशान है और उसी का एक यह बड़ा स्वरूप है की इनके नेता बेतुकी बयानबाजी कर रहे हैं। इनके नेताओं में समन्वय की कमी है, मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक सब की भाषा अलग अलग है। उस भाषा को समझना जनता के बस की बात नहीं है, इसकी वजह से जनता को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

हम तो कांग्रेस पार्टी के नेताओं से विनती करेंगे कि जब भी जनता की समक्ष आए तो तथ्यों के साथ आएं, तथ्यहीन बयानबाजी करके जनता को गुमराह करने की आवश्यकता नहीं है।

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