Saturday, July 13, 2024
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कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को किया नमन

रेणुका गौतम
कुल्लू
: कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को कुल्लू में भी वीर सैनिकों के शौर्य को नमन किया गया तथा शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिला प्रशासन की ओर से जिला परिषद के सभागार में आयोजित विजय दिवस समारोह में उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा, भूतपूर्व सैनिक लीग के पदाधिकारियों, अन्य भूतपूर्व सैन्य अधिकारियों, सैनिकांे तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने उन वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए, जिन्होंने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया है। इस अवसर पर दो मिनट का मौन भी रखा गया।

कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान का स्मरण करते हुए उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा ने कहा कि 20 वर्ष पूर्व इन वीर सैनिकों ने कारगिल और द्रास सैक्टर में बहुत ही कठिन परिस्थितियों में अद्भुत शौर्य का परिचय देते हुए विजय हासिल की थी। उपायुक्त ने कहा कि भारतीय सैनिक हमेशा देश के लिए समर्पित रहते हैं और इसकी रक्षा के लिए हमेशा अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए तत्पर रहते हैं। वे हर भारतवासी के लिए कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान की सबसे बड़ी मिसाल हैं।
डा. रिचा वर्मा ने कहा कि कारगिल युद्ध में हिमाचल प्रदेश के 52 जवानों ने शहादत पाई थी और इनमें से एक कुल्लू जिले से डोला राम भी थे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सैनिकों का सम्मान करता है और हमेशा उनके कार्यो और समस्याओं के प्रति संवेदनशील है।
इस मौके पर उपायुक्त ने कारगिल युद्ध के वीर शहीदों की पुनीत स्मृति एवं देश के गौरवमय इतिहास की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से समर्पित रहने की शपथ भी दिलाई।
इस अवसर पर भूतपूर्व सैनिक कुल्लू व लाहौल-स्पिति लीग के चेयरमैन ब्रिगेडियर टी.एस. ठाकुर, ब्रिगेडियर आर.के. मकुसूदन और ब्रिगेडियर जे.सी. शर्मा ने भी कारगिल युद्ध के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि कारगिल और द्रास की ऊंची और दुर्गम चोटियों से दुश्मन को खदेड़ना एक बहुत बड़ी चुनौती थी लेकिन भारतीय सैनिकों ने एक बार फिर अदम्य साहस की गाथा लिखी और शानदार विजय हासिल की।
ब्रिगेडियर ठाकुर ने कहा कि कुल्लू व लाहौल-स्पिति जिलों के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए तैयार करने के उद्देश्य से कुल्लू में एक परियोजना पर कार्य चल रहा है, जिसमें युवाओं को कोचिंग दी जाएगी ताकि अधिक से अधिक युवा इन क्षेत्रों से सेना में प्रवेश प्राप्त कर सके।
कार्यक्रम के दौरान भूतपूर्व सैन्य अधिकारियों व सैनिकों ने भविष्य में कारगिल विजय दिवस और 1971 के युद्ध के विजय दिवस को कुल्लू में बड़े पैमाने पर मनाने का सुझाव भी रखा। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों को भारतीय सेना के बलिदान और उच्च परंपराओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
कारगिल विजय दिवस समारोह में एसडीएम अनुराग चंद्र शर्मा, अन्य विभागों के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक व उनके परिजन भी उपस्थित थे।

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