Monday, March 4, 2024
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फील्ड में जाकर जलापूर्ति योजनाओं का निरीक्षण करें इंजीनियर: महेन्द्र ठाकुर

रेणुका गौतम

कुल्लू : सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य तथा बागवानी मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने अभियंताओं को सप्ताह में चार दिन फील्ड में जाकर जलापुर्ति योजनाओं की निगरानी एवं निरीक्षण करने को कहा है। वह आज कुल्लू में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अभियंताओं के साथ जिला में जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा बैठक कर रहे थे। कुल्लू जिला के अलावा लाहौल के इंजीनियर भी बैठक में मौजूद रहे।

उन्होंने कहा कि इंजीनियरों का कार्य कार्यालय के बजाय फील्ड में अधिक है। फील्ड में जाने से उन्हें पेयजल तथा सिंचाई योजनाओं की व्यवहारिक जानकारी प्राप्त होगी और साथ ही लोगों की समस्याओं का भी समाधान मौके पर कर सकेंगे। 

सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अधिशाषी अभियंता सप्ताह में दो दिन सोमवार व बुधवार को कार्यालय में बैठेंगे और कार्यालय कार्यों के अलावा लोगों की भी समस्याएं सुनेंगे। सहायक अभियंता मंगलवार और वीरवार को कार्यालय में उपस्थित रहेंगे। कनिष्ठ अभियंता क्षेत्र की सभी जलापूर्ति योजनाओं का नियमित तौर पर दौरा करेंगे और इनकी स्थिति से अवगत करवाएंगे। इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी किए जाएंगे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी योजनाओं में पंपों की संख्या और इनकी स्थिति का ब्यौरा प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा योजना में अन्य सामान की भी सूची प्रदर्शित की जानी चाहिए। उन्होंने अभियंताओं को पंप की मुरम्मत करवाए जाने की स्थिति में कम से कम एक साल की वारंटी अथवा गारंटी प्राप्त करने को कहा।

जल संरक्षण के कार्य को प्राथमिकता दें इंजीनियर

महेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि जल संरक्षण आज की बड़ी जरूरत है और प्रधानमंत्री की प्राथमिकता वाला कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि पानी के संरक्षण के लिये अधिक से अधिक योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। स्प्रिंकलर व ड्रिप सिंचाई को ही प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि पानी व्यर्थ न हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्नो हार्वेस्टिंग की ओर बढ़ने के प्रयास कर रही है। उन्होंने अभियंताओं को छोटी-छोटी जलापूर्ति योजनाएं तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 40000 हैण्ड पंप हैं और इन्हें क्रियाशील बनाए रखने के प्रयास किए जाने चाहिए।

सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश की नदियों का तटीकरण समय की मांग है। उन्होेंने कहा कि ब्यास नदी के तटीकरण के लिए 585 करोड़ रुपये की परियोजना है। उन्होंने कहा कि इससे नदियों से किनारों का बड़ा नुकसान होने से बचेगा और लोगों के बाग-बागीचे, बस्तियां व भूमि सुरक्षित होगी।

 आनी के लिए नाबार्ड से 29 करोड़ की योजनाएं स्वीकृत की गई हैंै। कुल्लू मंडल में प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत नौ योजनाएं हैं। इस मंडल में कुल 232 जलापूर्ति योजनाएं हैं जिनमें पांच उठाऊ जलापूर्ति योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जिले में अनेक जलापूर्ति योजनाओं के लिए धनराशि मंजूर करवाई गई है और निर्माण कार्य आरंभ किए जा रहे हैं। महेंद्र सिंह ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वे विभाग के भंडारों में पड़ी पाईपों का उपयोग करें तथा इनका पूरा रिकार्ड रखें।

बैठक में विभाग के मुख्य अभियंता आर.के. महाजन तथा अधीक्षण अभियंता देवेश भारद्वाज ने बैठक में जिला की विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं की स्थिति के साथ-साथ भावी योजनाओं के निर्माण की जानकारी दी।

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