Thursday, June 20, 2024
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कुल्लू में जिला स्तरीय प्रेस दिवस आयोजित ‘रिपोर्टिंग: व्याख्या, एक यात्रा’ विषय पर की व्यापक चर्चा

मीडिया से नशा निवारण अभियान में योगदान की अपील
कुल्लू
: सामाजिक सरोकारों के प्रति पत्रकारिता के महत्व को देखते हुए पत्रकारिता को लोकतंत्र के चैथे स्तम्भ का दर्जा समाज ने दिया है। सशक्त लोकतंत्र के लिए पत्रकारिता की सार्थक भूमिका आवश्यक है। यह बात कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य सलाहकार रमेश शर्मा ने शनिवार को कुल्लू में आयोजित जिला स्तरीय प्रेस दिवस के अवसर पर अपने संबोधन मंे कही। कार्यक्रम में भारतीय प्रेस परिषद की ओर से इस वर्ष के लिए सुझाए गए विषय ‘रिपोर्टिंग: व्याख्या, एक यात्रा’ पर व्यापक चर्चा की गई।
इस अवसर पर रमेश शर्मा ने कहा कि नशा हमारे युवाओं को और घर परिवारों को बर्बाद कर रहा है। यह एक गंभीर समस्या बन गई है और मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर स्वयं इस बुराई को समाप्त करने के लिए संजीदा है। उन्होंने विशेष अभियान चलाया है ताकि समाज को नशामुक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिला में हर वर्ष लाखों देसी व विदेशी सैलानी आते हैं जो इस संदेश को बाहर भी प्रसारित करते हैं कि जिला में नशे की उपलब्धता है। हम सभी को इस बुराई को समाज से उखाड़ फैंकने के लिए प्रयत्न करने होंगे। उन्होंने कहा कि मीडिया इसमें अहम् भूमिका निभा सकता है।
जिला प्रेस क्लब के अध्यक्ष धनेश गौतम ने कहा कि पत्रकार समाज का दर्पण है जो हमेशा समतल रहना चाहिए। मीडिया को रिपोर्टिग करते समय काफी संवेदनशील होना चाहिए ताकि विश्वसनीयता कायम रहे। उन्होंने कहा कि कलम के सिपाहियों की कलम कभी कुंद नहीं होनी चाहिए और जो पत्रकार निर्भीक व स्टीक पत्रकारिता पर विश्वास रखता है, वह लंबे समय तक इस क्षेत्र में अपना योगदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को निडरता और निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
जिला लोक संपर्क अधिकारी प्रेम ठाकुर ने स्वागत भाषण में कहा कि सार्थक रिपोर्टिंग के लिए पत्रकार में धैर्य, साहस, ईमानदारी, विद्वता, विश्वसनीयता, और जिज्ञासा जैसे गुण होना आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि समाचारों को एकत्र करना और इन्हें सरल, शुद्ध और संुदर बनाने का कार्य जब पत्रकार अथवा रिपोर्टर बेहतर ढंग से करता है तो निश्चित तौर पर वह अपने दायित्व का निर्वहन आम जनमानस की अपेक्षाओं के अनुरूप कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इंटरनेट की जबरदस्त दस्तक के बाद रिपोर्टिंग के स्वरूप में हालांकि बड़ा बदलाव आया है लेकिन मूलभूत सिद्धांत आज भी यथावत हैं। हालांकि इंटरनेट की व्यापकता और पहुंच के चलते इसका दुरूपयोग भी हो रहा है। एक अच्छी रिपोर्टिंग के लिए आवश्यक है कि पत्रकार सोशल मीडिया को बेशक खबर का स्त्रोत मानें, लेकिन निजी स्तर पर खबर की तह तक जाने के बाद ही जनता को परोसा जाए। कार्यक्रम के दौरान जिला के अन्य वरिष्ठ पत्रकारों ने भी अपने विचार रखे

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