मध्य प्रदेश में पद बढ़ाने की मांग से पहले हिमाचल में 1.07 लाख खाली पदों का हिसाब दें राहुल गांधी : जम्वाल
पांच लाख सरकारी नौकरी की गारंटी का क्या हुआ, युवाओं को ‘मित्र’ बनाकर छोड़ दिया : राकेश जम्वाल
मंडी : भाजपा के मुख्य प्रवक्ता एवं सुंदरनगर विधायक राकेश जम्वाल ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने के लिए लिखे पत्र पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को रोजगार के नाम पर राजनीतिक दिखावा करने और सुर्खियां बटोरने के बजाय पहले अपनी ही पार्टी की हिमाचल सरकार से रोजगार का हिसाब मांगना चाहिए। यदि उन्हें वास्तव में देश के युवाओं के भविष्य की चिंता है तो सबसे पहले हिमाचल प्रदेश के बेरोजगार युवाओं की आवाज सुननी चाहिए।
राकेश जम्वाल ने कहा कि राहुल गांधी मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों के पद बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहे हैं, लेकिन हिमाचल प्रदेश में उनकी ही पार्टी की सरकार दो वर्ष या उससे अधिक समय से खाली पड़े सरकारी पदों को समाप्त करने की नीति अपना रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस रोजगार के नाम पर बड़े-बड़े दावे करती है और दूसरी तरफ सरकारी विभागों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को समाप्त करने का फैसला लिया जा रहा है।
उन्होंने राहुल गांधी से सीधा सवाल किया कि उन्होंने हिमाचल की अपनी सरकार को रोजगार के मुद्दे पर अब तक कितनी चिट्ठियां लिखीं? क्या उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से पूछा कि जिन सरकारी पदों पर प्रदेश के युवा वर्षों से नौकरी की उम्मीद लगाए बैठे हैं, उन्हें खत्म क्यों किया जा रहा है? क्या राहुल गांधी ने यह सवाल पूछा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को दी गई पांच लाख रोजगार की गारंटी का क्या किया? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की रोजगार संबंधी चिंता क्या केवल उन राज्यों तक सीमित है, जहां कांग्रेस सत्ता में नहीं है?
पांच लाख सरकारी नौकरी की गारंटी पर कांग्रेस से हिसाब मांगें राहुल गांधी
जम्वाल ने कहा कि हिमाचल की जनता कांग्रेस की पांच लाख सरकारी नौकरी देने की गारंटी को भूली नहीं है। चुनाव के समय युवाओं को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए, लेकिन सत्ता में आने के बाद स्थायी और सम्मानजनक रोजगार देने के बजाय उन्हें अलग-अलग नामों से कम मानदेय वाली अस्थायी व्यवस्थाओं में उलझा दिया गया।उन्होंने कहा कि पशु मित्र, वन मित्र और रोगी मित्र जैसे नाम देकर नौकरी देने का दावा करना प्रदेश के युवाओं के साथ मजाक है। हिमाचल का युवा नियमित नौकरी, उचित वेतन और सुरक्षित भविष्य चाहता है, न कि कुछ हजार रुपये के मानदेय पर अस्थायी व्यवस्था।
1,07,466 पद खाली, फिर भी पद खत्म करने का खेल क्यों?
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार की रोजगार नीति की असली तस्वीर उसके अपने आंकड़े सामने रख रहे हैं। प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में 1,07,466 सरकारी पद खाली होने की जानकारी दी है। एक तरफ एक लाख से अधिक पद खाली हैं और प्रदेश में बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं, वहीं दूसरी तरफ लंबे समय से खाली पड़े पदों को समाप्त करने की नीति अपनाई जा रही है।उन्होंने कहा कि इससे बड़ा विरोधाभास कांग्रेस की रोजगार नीति का और क्या हो सकता है। सरकारी पद खाली हैं, युवा बेरोजगार हैं और सरकार खाली पद समाप्त कर रही है। ऐसे में सवाल स्वाभाविक है कि कांग्रेस की पांच लाख रोजगार की गारंटी आखिर किसके लिए थी?
58 वर्ष तक नियमित नौकरी के वादे का क्या हुआ?
राकेश जम्वाल ने कहा कि कांग्रेस के वर्तमान उपमुख्यमंत्री जब नेता प्रतिपक्ष थे, तब उन्होंने प्रदेश के युवाओं को नियमित और स्थायी सरकारी नौकरी का भरोसा दिया था। युवाओं को 58 वर्ष तक नियमित नौकरी देने का वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अब अपनी ही पार्टी के उपमुख्यमंत्री से पूछना चाहिए कि वह वादा कहां गया।जिन युवाओं को 58 वर्ष तक नियमित नौकरी का सपना दिखाया गया था, उन्हें आज ‘मित्र’ के नाम पर कुछ हजार रुपये के मानदेय वाली अस्थायी व्यवस्था में क्यों रखा जा रहा है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने युवाओं को रोजगार देने के बजाय केवल रोजगार के नाम बदलने का काम किया है।
छात्रों की गूंज हिमाचल के बेरोजगार युवाओं तक कब पहुंचेगी?
जम्वाल ने कहा कि राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से छात्रों और युवाओं की समस्याओं को उठाने की बात कही है। यदि यह अभियान केवल राजनीतिक चर्चा और सुर्खियां बटोरने तक सीमित नहीं है तो इसकी आवाज हिमाचल के बेरोजगार युवाओं तक भी पहुंचनी चाहिए।उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवा राहुल गांधी से पूछ रहे हैं कि जब उनकी अपनी पार्टी की सरकार रोजगार के मोर्चे पर सवालों के घेरे में है तो वे चुप क्यों हैं? युवाओं को पांच लाख रोजगार का सपना दिखाने वाली कांग्रेस सरकार से राहुल गांधी रोजगार का हिसाब क्यों नहीं मांगते?
मध्य प्रदेश को चिट्ठी से पहले हिमाचल को चिट्ठी लिखें राहुल गांधी
राकेश जम्वाल ने कहा कि राहुल गांधी को मध्य प्रदेश के युवाओं की चिंता करने का पूरा अधिकार है, लेकिन उन्हें पहले हिमाचल के युवाओं के सवालों का जवाब दिलवाना चाहिए। हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है और इसी सरकार ने प्रदेश के युवाओं को पांच लाख सरकारी नौकरी देने की गारंटी दी थी।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखने के साथ हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भी चिट्ठी लिखनी चाहिए और पूछना चाहिए कि पांच लाख रोजगार की गारंटी का क्या हुआ, एक लाख से अधिक खाली पदों पर भर्ती क्यों नहीं हुई और लंबे समय से खाली पड़े पदों को समाप्त क्यों किया जा रहा है।जम्वाल ने कहा कि हिमाचल के युवा अब भाषण, अभियान और राजनीतिक शिगूफे नहीं चाहते। वे स्थायी नौकरी , नियमित नियुक्तियां, उचित वेतन और सुरक्षित भविष्य चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में युवाओं की आवाज बनना चाहते हैं तो उन्हें सबसे पहले अपनी ही पार्टी की सरकार से सवाल करना चाहिए।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पांच लाख सरकारी नौकरी की गारंटी का हिसाब मांगें, 1,07,466 खाली पदों पर भर्ती का जवाब मांगें और यह भी पूछें कि युवाओं को नियमित नौकरी देने के बजाय ‘मित्र’ बनाकर क्यों छोड़ा जा रहा है। राकेश जम्वाल ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को दूसरों के घर में रोजगार का हिसाब मांगने से पहले अपने घर यानी हिमाचल की कांग्रेस सरकार से रोजगार का हिसाब मांगना चाहिए।

