Saturday, January 24, 2026
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25 जुलाई को बिजली महादेव रोपवे के विरोध में धरना

बिजली महादेव रोपवे संघर्ष समिति करेगी प्रदर्शन

रेणुका गौतम, कुल्लू : जिला कुल्लू में बनने जा रही बिजली महादेव रोपवे के विरोध में आवाज़ अब लगातार उठनी शुरू हो गई है। इसके विरोध में दिन-ब-दिन जनता खुलकर सामने आने लगी है। बिजली महादेव रोपवे विरोध संघर्ष समिति द्वारा इसी बात को लेकर 25 जुलाई को एक बड़े स्तर का धरना प्रदर्शन किया जाएगा और रोपवे के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।

बिजली महादेव ग्रुप में विरोध संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश नेगी द्वारा जिला मुख्यालय कुल्लू में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें उन्होंने बिजली महादेव रोपवे के खिलाफ खुलकर अपने विचार रखे। सुरेश नेगी का साफ तौर पर कहना है कि दो-तीन वजह से इस रोपवे का विरोध किया जा रहा है। सर्वप्रथम यह रोपवे जिला के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बिजली महादेव मंदिर की ओर लगाया जा रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि यह धार्मिक स्थल है कोई पर्यटक स्थल नहीं। यही वजह है कि देवता भी गुर के माध्यम से इसका विरोध कर चुके हैं। दूसरा उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने भी खुलकर इस रोपवे को बनाने की अब तक इजाजत नहीं दी है। तो वहीं, रोपवे के लिए जिस तरह जंगलों का अंधाधुंध कटान किया जा रहा है निसंदेह: वह प्रकृति को आने वाले भविष्य में भयंकर रूप से नुकसान पहुंचाने वाला है। और बिजली महादेव पहाड़ी में दो-तीन वर्ष पहले बड़ी-बड़ी और चौड़ी दरारें इस बात का जीता जागता प्रमाण है कि न तो महादेव इस रोपवे से प्रसन्न है और न ही प्रकृति स्वयं।

तो वहीं समिति के अन्य सदस्य शिवनाथ शर्मा का कहना है कि वह बिजली महादेव रोपवे विषय से संबंधित ज्ञापनकई बार राज्यपाल को भी दिए जा चुके हैं। यहां तक की भाजपा नेता जे पी नड्डा से भी समिती के सदस्य कई बार मिल चुके हैं, लेकिन बावजूद इसके आज उनके पक्ष को दरकिनार करते हुए बेधड़क क्षेत्र में लोगों की भावनाओं को आहत करते हुए रोपवे बनाया जा रहा है, जो सरासर जनता की भावनाओं से खिलवाड़ है। लेकिन जनता अब और अधिक बर्दाश्त नहीं करने वाली। शिवनाथ शर्मा का यह भी कहना है कि यदि सरकार विकास चाहती है तो विकास के लिए बहुत से अन्य कार्य पड़े हैं, क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों को ठीक करवाया जा सकता है। लेकिन विकास के नाम पर बिजली महादेव मंदिर का रूप में ही क्यों। आखिरकार क्यों जनता की भावनाओं को दरकिनार किया जा रहा है और देव वाणी की भी खिल्ली उड़ाई जा रही है।

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