एनएचएआई की करोड़ों रुपए की सुरक्षा दीवार दो दिनों की बारिश में ही ध्वस्त
रेणुका गौतम, कुल्लू : पिछले कुछ दिनों से लगातार हिमाचल प्रदेश को बारिश ने एक बार फिर शीत लहर की चपेट में ले लिया है। बात अगर ज़िला कुल्लू की करें तो यहां ऊंचे पहाड़ों में लगातार बर्फबारी हो रही है और बाकी जगह मूसलाधार बारिश ने आम जनमानस का जीना मुश्किल कर दिया है। क्योंकि ज़िला भर में जगह जगह भूस्खलन से सड़क मार्ग अवरुद्ध हुए हैं और बिजली के ट्रांसफार्मर भी ठप्प हो चुके हैं।

अश्वनी कुमार एडीएम कुल्लू ने इस विषय पर मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बारिश की वजह से पूरे ज़िला में 35 सड़के बाधित हुई है, और कई जगह सड़कों पर ज़्यादा पानी भरने से यातायात में दिक्कतें हो रही है। हालांकि कुछेक जगह संपर्क मार्गों को प्रशासन द्वारा खोला भी गया है। लेकिन मुख्य रूप से मनाली से लाहौल स्पीति जाने वाली सड़क बर्फबारी से बंद पड़ी है, जिसे बीआरओ द्वारा साफ करने की लगातार कोशिशें की जा रही है।


साथ ही मौसम से हुए नुकसान को लेकर जानकारी देते हुए उन्होंने यह भी बताया कि ज़िला भर में तकरीबन 200 ट्रांसफॉर्मर्स ठप्प हो गए हैं। प्रशासन शीघ्रातिशीघ्र हर समस्या का समाधान करने में जुटा हुआ है, ताकि लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।

गौरतलब है कि जहां एक ओर पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ ज़िला के दोहलु नाला के पास ब्यास नदी के तट पर एनएचएआई द्वारा बनाई गई सुरक्षा दीवार भी ध्वस्त हो गई है। इस दीवार का निर्माण एनएचएआई द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से मात्र 8- 9 महीने पहले ही किया गया था, लेकिन बारिश के दो दिन भी यह खोखली दीवार नहीं झेल पाई, जिससे एनएचएआई की कार्यशैली पर भी प्रश्न चिन्ह लग गए हैं।


