शिमला : कुदरती आफतों के कारण सभी कुछ तबाह हो जाता है। देश के विकास के लिए किए गए सभी प्रयास खत्म हो जाते हैं और विकास के पक्ष सेदेश पीछे चले जाते हैं। इन सभी आपदाओं के पहलुओं और इनके प्रबंधन पर भारत सरकार का गृह मंत्रालय का राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान और स्थानीय एपीजीशिमलाविश्वविद्यालय एक साथ मिलकर एक दिसंबर को व्यापक आपदा प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन वेबिनार ग्यारह बजे सुबहआयोजितकरनेजारहेहैं।एपीजीशिमलाविश्वविद्यालयकेसलाहकारइंजीनियरसुमनविक्रांतनेबतायाकिराष्ट्रीयआपदाप्रबंधनसंस्थानऔरएपीजीशिमलाविश्वविद्यालयकेबीचआपदाप्रबंधनवआपदाओंकेप्रतिलोगोंकोजागरूककरनेकेलिएटाई-अपवएमओयूहुआहै।विश्वविद्यालयसलाहकारसुमनविक्रांतनेविद्यार्थियोंसहितलोगोंसे आ ग्रह किया है कि इस वेबिनारमें हिस्सा ले कर आपदा प्रबंधन के बारे में विषयविशेषज्ञों द्वारा सुजाये जाने वाले आपदा-प्रबंधनव आपदा से बचाव बारे उनके विचारसुनें।इस वेबिनार का आयोजन एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफटेक्नोलॉजी एवं साइंसेज की ओर से डॉ.आनदमोहन की अगुवाई में करवाया जा रहा है। वेबिनार में राष्ट्रीय आपदाप्रबंधन संस्थान के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल बिंदल(विशिष्ट सेवा मैडल), एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.डॉ. रमेश कुमार चौधरी, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान में कार्यरत सहायक आचार्य शेखरचतुर्वेदी, विक्रम गुर्जर डिप्टी कमांडेंट ट्रेनिंग डिवीज़न, अरुण वर्मा आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ मुख्यवक्ता के रूप में विद्यार्थियों और लोगों को आपदा प्रबंधन को ले कर विशेष व्याख्यान देंगें।इसके अलावा वेबिनार में एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के सलाहकार इंजीनियर सुमन विक्रांत आपदा प्रबंधन पर अपनेविचार सांझा करेंगें।


