Tuesday, January 13, 2026
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हिमाचल–भूटान मैत्री को नया आयाम: चिलगोजा के पौधों की भेंट, मुख्यमंत्री ने वाहन को दिखाई हरी झंडी


हिमाचल प्रदेश ने भारत–भूटान के परंपरागत मैत्रीपूर्ण और सहयोगात्मक संबंधों को और मजबूत करते हुए भूटान को चिलगोजा के पौधों की सौगात दी है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज प्रदेश सचिवालय शिमला से चिलगोजा के पौधों को लेकर जाने वाले वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल भारत और भूटान के बीच सौहार्द, भाईचारे और आपसी सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि भविष्य में हिमाचल प्रदेश का वन विभाग भूटान को पांच लाख रुपये मूल्य के चिलगोजा के अतिरिक्त बीज भी उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही भूटान के वन विभाग के अधिकारियों को चिलगोजा के पौधों के उत्पादन और संरक्षण का प्रशिक्षण भी हिमाचल प्रदेश में दिया जाएगा, जिसके लिए भूटान की वन विभागीय टीम शीघ्र ही प्रदेश का दौरा करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार चिलगोजा से जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय महिला मंडलों की भागीदारी भी सुनिश्चित करेगी और उन्हें आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा, जिससे ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी भूटान को 50 किलोग्राम चिलगोजा के बीज प्रदान किए जा चुके हैं।
चिलगोजा को पश्चिमी हिमालय की एक बहुमूल्य प्रजाति बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता और स्थानीय लोगों की आजीविका से गहराई से जुड़ी हुई है। वर्तमान प्रदेश सरकार वन संवर्धन और हरित आवरण बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार की विभिन्न पहलों के परिणामस्वरूप राज्य में वन क्षेत्र में लगभग 55 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष लगभग 9,000 हेक्टेयर वन भूमि पर विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के तहत पौधरोपण किया जा रहा है, जिसमें 60 प्रतिशत फलदार पौधे शामिल हैं। मुख्यमंत्री वन विस्तार योजना के तहत अब तक 600 हेक्टेयर बंजर पहाड़ियों को हरा-भरा किया जा चुका है।
वनों की सुरक्षा और प्रबंधन को मजबूत करने के लिए प्रदेश में 2019 वन मित्रों की नियुक्ति की गई है, जिन्हें वृक्षारोपण, अग्नि सुरक्षा, राल दोहन सहित विभिन्न वानिकी कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त राजीव गांधी वन संवर्धन योजना, ग्रीन एडॉप्शन योजना सहित अनेक योजनाओं के माध्यम से जन सहयोग से हरित आवरण बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, उपाध्यक्ष हिमाचल प्रदेश राज्य वन निगम केहर सिंह खाची, विधायक कैप्टन रणजीत सिंह राणा एवं मलेन्द्र राजन, प्रदेश हज कमेटी के अध्यक्ष दिलदार अली भट्ट, महाधिवक्ता अनूप रतन, अतिरिक्त मुख्य सचिव के.के. पंत, प्रधान मुख्य अरण्यपाल संजय सूद सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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