Sunday, September 25, 2022
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राजस्थान के बाद हिमाचल में लंपी वायरस की दस्तक, दर्जनों पशुओ की मौत

शिमला: राजस्थान के बाद अब हिमाचल में भी लंपी वायरस ने दस्तक दे दी है. लंपी वायरस का कहर इंसानों में नहीं बल्कि जानवरों में देखने को मिल रहा है.शिमला जिला में इस वायरस ने दर्जनों पशुओं को अपनी चपेट में ले लिया है। इसमें ज्यादा प्रभावित गाय है. लंपी वायरस से प्रभावित पशुओं की संख्या में इजाफा हो रहा।जिससे लोगो मे भी ख़ौफ़ का माहौल बना हुआ है। लोग एक दूसरे के घरों में जाने से डर रहे है। शिमला के कसुम्पटी विधानसभा क्षेत्र के बड़ागाँव सहित कई गांव में ये बीमारी तेजी से फेल रही है और एक दर्जन गाय की मौत भी हो चुकी है। बड़ा गाँव के आसपास ही 200 के करीब पशु इसकी चपेट में आ गए है। बीमारी को लेकर अभी तक पशु पालन विभाग बेखबर है। बीमारी के बाद पशु पालकों में हड़कम्प मच गया है और अब नोबत यह आ गयी है कि दूध तक बिकना बन्द हो गया है। इस बीमारी से पशुओ के शरीर में कई गांठें बन जाती हैं. इसके अलावा पशुओं में वजन कम होने, मुंह से तरल पदार्थ निकलने, तेज बुखार और दूध कम होने की शिकायते सामने आ रही है। पशु पालक विभाग को शिकायत भी की है और मोके पर जा कर अधिकारियों डॉक्टरों ने पशुओं की जांच भी की है लेकिन बीमारी का पूरी तरह से पता नही चल पाया है।हालांकि विभाग द्वारा वैक्सीन लगाने का काम शुरू कर दिया है।

बड़ा गाँव के स्थानीय निवासी जिया लाल ने कहा कि पशु तो बीमार हो रहे है लेकिन साथ ही लोग अब एक दूसरे के घर मे जाने से भी कतरा रहे हैं।लोगों में दशहत का माहौल हो गया है कि कहीं यह रोग उनके घर मे न आ जाये और पशुओं को न लग जाये।यह रोग गाय के पैरों से फोड़ों के रूप में निकल रहा है और धीरे धीरे यह पूरे शरीर मे फैलता जा रहा है।गाय बीमार हो जा रही है तथा खाना पीना छोड़ रही है जिसके बाद पशुओं की मृत्यु भी हो रही है।
स्थानीय निवासी बिट्टू ने कहा कि उनकी गाय इस रोग से मर गयी है और कुछ लोग ऐसे भी है जो बहुत गरीब है और दूध बेचकर ही वह अपना गुजर बसर करते है।सरकार जल्द ही इस ओर कुछ कदम उठाए.
वहीं स्थानीय महिला वंदना तथा निवासी जिया लाल ने कहा कि अब कठिनाई यह है कि लोग अब तन्दरुस्त पशुओं का दूध लेने से भी कतरा रहे हैं।लोगों अब उनसे दूध लेना बन्द कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि एक तो बीमार पशु दूध नही दे रहे जो एक आध लीटर दूध दे भी रहा है उसे वह फेंक रहें हैं।उन्होंने कहा कि अगर समय रहते इसका समाधान नही किया गया तो लोग दूध पीने से भी परहेज करेंगे।
स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि जल्द इस बीमारी की रोकथाम के लिए कुछ कदम उठाए जाएं जिससे बेजुबान पशुओं में फेल रहे इस रोग को रोका है सके।

वही स्थानीय विधायक अनिरुद्ध सिंह ने इसकी जांच के लिए मुख्यमंत्री और पशु पालन विभाग के अधिकारियों से पशु पालकों को दवाई ओर मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा लंपी वायरस के मामले उनकी विधानसभा में समाने आ रहे है कई पशु इसकी चपेट में आ गए है और काफी गाय मर भी गई है। इसको लेकर पशुपालन विभाग को भी अवगत करवाया गया है और इसका इलाज करने को कहा गया है। उन्होंने कहा की उनके क्षेत्र में काफी लोग दूध का काम करते है और यही उनका रोजी रोटी का साधन भी है। इस बीमारी की वजह से पशु मर रहे है जिन लोगो के पशु मर रहे है उन्हें सरकार तुरन्त मुआवजा दे ।

वहीं पंचायती राज एवं पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा लंपी स्किन डिजीज की जानकारी राजस्थान से मिली थी वहां पर इस तरह कि कोई बीमारी है लेकिन अब मीडिया के माध्यम से पता चला है कि शिमला के साथ कुछ क्षेत्रों में इस बीमारी का प्रकोप देखा गया है।विभाग को वैक्सीनेशन के लिए आदेश दिये है तथा प्रभावित क्षेत्रों में वैक्सीनेशन की जा रही है साथ ही विभाग आज उच्चस्तरीय बैठक भी कर रहा है और एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा और पूरे प्रदेश में इसका अलर्ट भी जारी किया जाएगा जिससे इस बीमारी को जल्दी रोका जा सके।

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