आतंकवाद के बदलते स्वरूप को देखते हुए Ministry of Home Affairs ने देश की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी नीति ‘प्रहार’ जारी की है। आठ पृष्ठों की इस व्यापक नीति में पारंपरिक आतंकी गतिविधियों के साथ-साथ साइबर आतंकवाद, हैकिंग, ऑनलाइन कट्टरपंथ और डार्क वेब के माध्यम से होने वाली साजिशों को भी शामिल किया गया है।
नीति में स्पष्ट कहा गया है कि आतंकवाद का न तो कोई धर्म होता है, न जाति और न ही कोई राष्ट्रीयता। यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ पड़ोसी देशों द्वारा आतंकवाद को सरकारी नीति के औजार के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है।
‘प्रहार’ नीति का मुख्य उद्देश्य आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए पूर्व-नियोजित, त्वरित और संतुलित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसमें खुफिया तंत्र की मजबूती, राज्यों के साथ बेहतर समन्वय, डिजिटल निगरानी तंत्र को मजबूत करने और युवाओं को कट्टरपंथ से बचाने पर विशेष जोर दिया गया है।
सरकार ने एक बार फिर दोहराया है कि आतंकवाद के प्रति भारत की नीति ‘जीरो टॉलरेंस’ की रही है और आगे भी हर प्रकार के आतंक के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


