Saturday, July 13, 2024
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फसलों की रक्षक बनी सोलर चालित बाड़ सोलर चालित बाड़ लगाने के लिए मिल रही 80 प्रतिशत सब्सिडी

रेणुका गौतम
कृषि विभाग की अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित हो रहे हैं किसान
कुल्लू
: ग्लोबल वार्मिंग के कारण जलवायु परिवर्तन एवं बदलता मौसम-चक्र और तिस पर बंदरों और आवारा पशुओं का उत्पात। कुल्लू सहित हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के अधिकांश निचले इलाकों के किसान कई वर्षों से इन समस्याओं से जूझ रहे हैं। इन क्षेत्रों में बंदर और आवारा पशु किसानों-बागवानों की फसलों को उजाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। कुछ मिनटों में ही ये किसानों-बागवानों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं। इस समस्या के शिकार किसानों-बागवानों के लिए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना एक बहुत बड़ी राहत लेकर आई है।
इस योजना के तहत 80 प्रतिशत अनुदान प्राप्त करके किसान-बागवान अपने खेतों के किनारे सौर ऊर्जा से चालित मामूली करंटयुक्त बाड़ लगा सकते हैं। इस बाड़ में सौर ऊर्जा से उत्पन्न मामूली करंट के कारण बंदर और आवारा पशु नजदीक नहीं आते हैं तथा यह खेतों में काम करने वाले किसानों-बागवानों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। किसान-बागवान व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। कृषि विभाग के उपनिदेशक राजपाल शर्मा ने बताया कि कुल्लू जिला में अभी तक इस योजना के तहत 55 किसानों-बागवानों को लगभग 2 करोड़ 60 लाख रुपये का अनुदान दिया जा चुका है। जिला में करीब 100 हैक्टेयर भूमि में सोलर चालित बाड़ लगाई जा चुकी है।
विभाग की अन्य योजनाओं की चर्चा करते हुए राजपाल शर्मा ने बताया कि गत सीजन में जिला के 102 किसानों ने टमाटर, बंदगोभी और लहसुन की फसलों का बीमा करवाकर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि लगभग दो वर्षों के दौरान जिला के करीब पचास हजार किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से 14 सिंचाई टैंकों के निर्माण पर लगभग 78 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। राज्य कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर पावर वीडर और घास काटने की मशीनें उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इस योजना के तहत जिला के 321 किसानों को लगभग 60 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत भी 1142 किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर सोलर स्पे्र पंप और घास काटने की मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में भी किसानों को पावर वीडर, स्पे्र पंप, खरपतवार नाशक और कीटनाशकों पर 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। पिछले सीजन में जिला के लगभग 4500 किसानों ने इस योजना का लाभ उठाया। राजपाल शर्मा ने बताया कि डा. यशवंत सिंह परमार किसान स्वरोजगार योजना के माध्यम से पाॅली हाउसों के निर्माण के लिए 85 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। गत वित वर्ष में जिला के 50 किसानों ने इस योजना का लाभ उठाया और उन्हें कृषि विभाग ने कुल 44 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की।
कृषि उपनिदेशक ने बताया कि विभाग खाद्यान्नों, दालों व अन्य परंपरागत फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए भी अनुदान प्रदान कर रहा है। उन्होंने किसानों-बागवानों से विभाग की विभिन्न सब्सिडी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की है।

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