Monday, February 16, 2026
Homeकुल्लूपानी के बिल सरकारी आदेशों के अनुसार ही तय : अधीक्षण अभियंता

पानी के बिल सरकारी आदेशों के अनुसार ही तय : अधीक्षण अभियंता

कहा बिल सरकार के नए नियमों के हिसाब से तय किए गए हैं

रेणुका गौतम, कुल्लू : जिला कुल्लू में इस बार पानी के बिलों को लेकर जनता के बीच काफी हो- हल्ला मच रहा है। दरासल गत वर्ष अक्टूबर से दिसंबर महीने के 3 माह का बिल एक साथ आए हैं। जिसे जनता पर एकदम से एक साथ बड़ा बोझ एक साथ पड़ गया है। इसी बात को लेकर जल शक्ति विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार द्वारा एक पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। जिसमें उन्होंने पानी के बिलों को लेकर कुछ एक तथ्यों पर प्रकाश डाला।

शहर में पानी के बढ़े हुए बिलों को लेकर जनता परेशान है और जल शक्ति विभाग पर मनमर्जी का आरोप लगा रही है। इसी बात को लेकर विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार ने एक पत्रकार वार्ता आयोजित की, जिसमें उन्होंने बताया कि यह बिल एक माह का नहीं बल्कि गत वर्ष अक्टूबर से दिसंबर महीने तक के है। एक साथ तीन महीने का बिल आने से जनता को भी यह ज़्यादा लग रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि 2025 के 6 माह के बिलों की रिकवरी भी आने वाले कुछ महीनो में की जाएगी। लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि जो नए बिल है वह सरकार द्वारा तय रेट के हिसाब से ही रखे गए हैं जिन्हें यदि गहराई से देखा जाए तो बहुत अधिक नहीं है।

उन्होंने यह भी बताया कि पानी के बिलों को विभिन्न समूहों में विभाजित किया गया है। उन्होंने बताया कि 20,000 लीटर प्रति माह पानी की खपत में ₹19.30 प्रति किलो लीटर खर्चा आएगा, जबकि 20,000 लीटर से 30,000 लीटर पानी के लिए ₹33.28 प्रति किलो लीटर खर्च होगा, तो वहीं 30,000 लीटर से अधिक पानी की खपत के लिए ₹59.90 प्रति किलो लीटर बिल बनेगा। उन्होंने यह भी बताया कि जहां पहले सीवरेज चार्जेस पानी के बिल से आधे यानी 50% लिए जाते थे, लेकिन अब वह घटाकर 30% कर दिए गए हैं, तो ऐसे में जनता किसी भी तरह के नुकसान में नहीं है।

अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार ने अपने संबोधन के दौरान यह भी बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार जल शक्ति विभाग प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी प्रति दिन का मुहैया करवाता है और जो की आवश्यक जरूरत को पूरा करने के हिसाब से पर्याप्त मात्रा है। उन्होंने जनता से यह भी आग्रह किया कि यदि पानी की बिलों पर लगाम लगानी है तो उसके लिए पानी को जिम्मेदारी से सोच समझकर खर्च किया जाए, ताकी बेवजह पानी व्यर्थ न हो। साथ उन्होंने यह भी कहा कि यदि फिर भी जनता को यह लगता है कि बिल उम्मीद के हिसाब से बहुत ज्यादा आए हैं तो वह विभाग के शिकायत कक्ष में आकर अपनी शिकायत रखकर अपनी शंका का निवारण कर सकता है, विभाग इस दिशा में हर संभव कदम उठाएगा। उन्होंने सरकार की नई नोटिफिकेशन के हिसाब से जरूरतमंद लोगों को निशुल्क पानी की सुविधा देने की भी बात कही।

उन्होंने जानकारी देते हुए यह भी बताया हालांकि पानी के रेट फिलहाल शहरी क्षेत्र के लिए ही बढ़े हुए हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है। लेकिन शीघ्र ही सरकार की हिदायत के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र के बिलों को भी अपडेट किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस बार पानी के मैनुअल बिल आए हैं, क्योंकि नए रेट के अनुसार विभाग के पोर्टल को अपडेट करने की प्रक्रिया जारी है शीघ्र ही पहले की भांति ही बिल ऑनलाइन जारी किए जाएंगे।

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