शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में बजट सत्र के पहले ही दिन सदन में विवाद की स्थिति बन गई। सत्र का शुभारंभ दोपहर दो बजे हुआ, लेकिन राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला का अभिभाषण मात्र 2 मिनट 1 सेकेंड में समाप्त हो गया।
दरअसल, अभिभाषण के दौरान रैवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) का उल्लेख था। राज्यपाल ने दस्तावेज के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें पढ़ने से इंकार कर दिया। उन्होंने केवल प्रारंभिक दो पैराग्राफ और अंतिम पैराग्राफ पढ़ा तथा शेष भाग को सदन की कार्यवाही का हिस्सा मानते हुए पढ़ा हुआ मानने की बात कही।
राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज के पृष्ठ 1 से 16 तक संस्थागत ढांचे के विरुद्ध टिप्पणियां दर्ज हैं, जिन्हें पढ़ना उचित नहीं है। इसी कारण उन्होंने पूरा अभिभाषण पढ़ने के बजाय सीमित अंश ही पढ़ा।
सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखु , सत्तापक्ष के विधायक तथा नेता प्रतिपक्ष सहित भारतीय जनता पार्टी के विधायक भी सदन में मौजूद रहे।
रैवेन्यू डेफिसिट ग्रांट को लेकर पहले से ही सियासी माहौल गरम था और राज्यपाल के इस कदम के बाद सदन में राजनीतिक हलचल और तेज हो गई। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के संकेत मिल रहे


