शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के 11वें सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई, लेकिन पहले ही दिन सत्र को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई। सत्र प्रारंभ होने से पूर्व भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा परिसर में विधायक दल की बैठक आयोजित की।
बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बजट सत्र को लेकर स्पष्टता का अभाव है और सरकार विधानसभा की स्थापित परंपराओं के विरुद्ध कार्य कर रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि 11वें सत्र की शुरुआत के साथ ही भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। यह बजट सत्र है, लेकिन बजट कब प्रस्तुत किया जाएगा, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। केवल तीन दिनों की बैठक की अधिसूचना जारी की गई है, जिससे विधायकों में भी असमंजस बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि परंपरा के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन स्थगित होता है और फिर अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाकर उस पर चर्चा की जाती है। लेकिन वर्तमान सरकार नियम 102 के तहत लाए गए संकल्प पर चर्चा कराने के लिए तत्पर दिखाई दे रही है। इससे विधायकों के बीच यह संशय बना हुआ है कि सदन की कार्यवाही किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने स्पष्ट कहा कि पूरा विपक्ष इस बात पर एकमत है कि पहले राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होनी चाहिए, उसके बाद ही किसी संकल्प पर विचार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इस रवैये से अफरातफरी और अनिश्चितता का संदेश जा रहा है।
जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि बजट कब पेश होगा, मांगों पर चर्चा कब होगी, इसकी कोई स्पष्ट रूपरेखा सामने नहीं रखी गई है। ऐसे में यह स्थिति लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं मानी जा सकती।
विधानसभा के इस सत्र को लेकर अब राजनीतिक माहौल और अधिक गरमाने की संभावना है।


