कहा – सरकार, मंत्री–अधिकारी मस्त हिमाचल की जनता त्रस्त
मंडी : हिमाचल प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि प्रदेश की वर्तमान कांग्रेस सरकार पूरी तरह जश्न, समारोह और नाच–गाने में डूबी हुई है। सरकार का हर अंग मस्त है—मुख्यमंत्री मस्त, मंत्री मस्त, अधिकारी मस्त—लेकिन प्रदेश की आम जनता महंगाई, बेरोजगारी, टूटी सड़कों, ठप विकास और प्रशासनिक अराजकता से त्रस्त है। यह सरकार जनता की नहीं, बल्कि अपने प्रचार, उत्सव और सत्ता के नशे में चूर रहने वाली सरकार बन चुकी है।
राकेश जमवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने तीन वर्षों का कार्यकाल केवल सरकारी आयोजनों, समारोहों और दिखावटी उत्सवों में बिता दिया। आज वही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जनमंच पर सवाल उठा रहे हैं। भाजपा स्पष्ट पूछना चाहती है कि क्या जो आज कांग्रेस सरकार जश्न के रही इन जश्नों से आम आदमी की समस्याओं का समाधान हुआ? क्या जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई हुई? क्या शासन में पारदर्शिता आई? या फिर इन आयोजनों से केवल कांग्रेस नेताओं की वाहवाही और सरकारी धन की बर्बादी हुई? सच्चाई यह है कि जनता को इन जश्नों से कुछ नहीं मिला, सिवाय खोखले भाषणों और झूठे दावों के। जबकि पूर्व की जयराम सरकार में जिन जन मंचों का आयोजन हुआ उसमें उपरोक्त सभी समस्याओं का निदान किया गया था।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने उत्सवों और नाच–गानों को प्राथमिकता देकर लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को कुचलने का काम किया है। पंचायत राज चुनाव लोकतंत्र की बुनियाद होते हैं, लेकिन कांग्रेस सरकार इन्हें रोकने पर तुली हुई है। चुनाव आयोग पूरी तरह तैयार है, प्रशासनिक ढांचा तैयार है, मशीनरी तैयार है—यदि कुछ तैयार नहीं है तो वह है मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की राजनीतिक मंशा। चुनाव टालना लोकतंत्र की हत्या है और कांग्रेस सरकार इसी रास्ते पर चल पड़ी है।
राकेश जमवाल ने सवाल उठाया कि आखिर पंचायत चुनाव रोककर कांग्रेस सरकार किस षड्यंत्र को अंजाम देना चाहती है? क्या सरकार को जनता के बीच जाने से डर लग रहा है? क्या उसे अपने कामों का हिसाब देने में घबराहट है? सच्चाई यह है कि कांग्रेस जानती है कि पंचायत स्तर पर उसकी नाकामी उजागर हो जाएगी, इसलिए चुनावों से भागा जा रहा है। यह केवल चुनाव टालना नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों का खुला अपहरण है।
उन्होंने कहा कि सरकारी आयोजनों के नाम पर हिमाचल प्रदेश का करोड़ों रुपया बेरहमी से बहाया जा रहा है। वहीं मुख्यमंत्री बार-बार यह बहाना बनाते हैं कि चुनाव कराने की व्यवस्था नहीं है क्योंकि सड़कें खोलनी हैं, राहत पहुंचानी है। भाजपा मुख्यमंत्री से सीधा सवाल पूछती है—मुख्यमंत्री सुक्खू बताएं कि आज प्रदेश का कौन सा ऐसा क्षेत्र है जहां व्यापक राहत कार्य चल रहा हो? कौन सी सड़कें दुरुस्त की जा रही हैं? कौन सा पुनर्वास कार्य जमीन पर दिखाई दे रहा है? वास्तविकता यह है कि न राहत दिखती है, न सड़कें सुधरती हैं और न ही पुनर्वास की कोई ठोस योजना नजर आती है।
अंत में राकेश जमवाल ने कहा कि कांग्रेस सरकार पूरी तरह विफल, दिशाहीन और जनविरोधी साबित हो चुकी है। सत्ता में रहते हुए भी सरकार जमीन से कट चुकी है। जनता की समस्याओं से मुंह मोड़कर उत्सवों में डूबी यह सरकार ज्यादा दिन नहीं चल सकती। भाजपा लोकतंत्र की रक्षा, पंचायत चुनावों की बहाली और जनता के अधिकारों के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। हिमाचल की जनता कांग्रेस के इस “जश्न मॉडल” का करारा जवाब समय आने पर अवश्य देगी।


