गोविंद सिंह ठाकुर बोले प्रदेश सरकार सही निर्णय लेने में असमर्थ
रेणुका गौतम, कुल्लू : आईजीएमसी शिमला में मरीज और चिकित्सक के बीच हुए विवाद के मामले में अब कुल्लू के डॉक्टर भी खुलकर सामने आ गए हैं। शुक्रवार को क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में डॉक्टरों ने आईजीएमसी के डॉक्टर राघव नरूला के पक्ष में खड़े हुए हैं। इसी बात को लेकर हड़ताल कर ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से बंद रखीं। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।

हड़ताल के दौरान चिकित्सकों ने अस्पताल परिसर में गेट मीटिंग कर अपना रोष जताया। डॉक्टरों का कहना है कि आईजीएमसी के जिस चिकित्सक को पद से हटाया गया है, वह कार्रवाई सरासर गलत है और बिना निष्पक्ष जांच के की गई है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। हिमाचल प्रदेश मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश सचिव डॉक्टर सत्यव्रत वेद्य के कहना है कि घटना के दोनों पहलुओं को निष्पक्ष रूप से जांचा जाना चाहिए।

चिकित्सक एशोसिएशन के अध्यक्ष राजेन्द्र कोहली ने कहा कि डॉक्टरों के साथ इस तरह की कार्रवाई से चिकित्सा समुदाय में असंतोष है। उन्होंने कहा कि जब तक मामले में न्यायपूर्ण जांच नहीं होती, तब तक विरोध जारी रह सकता है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से डॉक्टरों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग भी की।
तो वहीं प्रदेश सरकार द्वारा डाक्टर राघव नरूला को नौकरी से बर्खास्त करने के फैसले को लेकर भाजपा नेता और पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने भी सरकार को कोसा। उनका कहना है कि जब बात मरीज़ और डॉक्टर के बीच की थी तो सरकार को दोनों पक्षों को देखकर सोच समझ कर बुद्धिमता से निर्णय लेना चाहिए था।

