प्रदेश हाईकोर्ट ने नाचन जिला मंडी में हुए पेड़ों के अवैध कटान की जांच के लिए कानूनी सेवा प्राधिकरण मंडी के सचिव सहित डीसी और एसपी मंडी की एक कमेटी गठित की है। मुख्य न्यायाधीश एमएस रामचन्द्र राव और न्यायाधीश अजय मोहन गोएल की खंडपीठ ने जनहित याचिका की सुनवाई के पश्चात् यह आदेश पारित किए।
प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि पांच साल से अधिक समय से यहां तैनात डीएफओ नाचन के इशारे पर वन मंडल नाचन के कई वन क्षेत्रों में हजारों हरे पेड़ काटे गए हैं। वन संरक्षण अधिनियम के तहत मंजूरी के बिना अत्यधिक घने जंगल से पेड़ों को काटकर अवैध रूप से सड़कों का निर्माण किया गया है। शिकारी देवी-देहर रोड के लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में सेंचुरी एरिया होने के बावजूद वन क्षेत्र नष्ट हो गया है। डीएफओ के इशारे पर रेस्ट हाउस से लगभग 100 मीटर की दूरी पर चैल चौक पर लगभग 500 हरे पेड़ों को नष्ट कर एक मैदान का निर्माण किया गया है। प्रार्थी ने वन और पर्यावरण विनाश व सरकारी सम्पदा को नष्ट होने से न बचाने के लिए डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।


