Tuesday, February 10, 2026
Homeकुल्लूसमस्याएं नहीं सुलझा पाया 'सरकार गाँव के द्वार' कार्यक्रम भी

समस्याएं नहीं सुलझा पाया ‘सरकार गाँव के द्वार’ कार्यक्रम भी

 

 बंजार के बन्दल और शर्ची गांव में आपदा से अब तक हालात खराब

परेशान ग्रामीण मिले उपायुक्त से 

रेणुका गौतम, कुल्लू : हालांकि हिमाचाल प्रदेश सरकार द्वारा ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याएँ जान कर शीघ्र उनके निदान पर बल दिया जाता है। लेकिन अगर ज़िला कुल्लू के बंजार घाटी में 2023 और 2025 के दौरान आई आपदा की बात की जाए तो आज भी वहां के कुछ गांव आपदा का दंश झेल रहे हैं।दरअसल बंजार के बन्दल और शर्ची गांव के निवासी आज उपायुक्त कुल्लू से मिले और आपदा के बाद से अब तक खस्ताहाल सड़कों, बेतरतीब पानी की निकासी और नष्ट हुए और क्षतिग्रस्त घरों की समस्याऐं सामने रखी। और अपनी समस्याओं को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।

   उपायुक्त कार्यालय कुल्लू पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि दो आपदाओं का दंश झेल चुके बंजार क्षेत्र के गांव बन्दल और शर्ची में अब तक सड़क सुविधा पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई है। बंजार ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेटरी दिनेश्वर प्रसाद ने क्षेत्र की परेशानी सांझा करते हुए बताया कि मौजूदा समय में आसपास के नालों के पानी की निकासी की भी व्यवस्था ठीक नहीं है, यदि समय रहते इसे दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाली बरसात में क्षेत्र में और तबाही हो सकती है। साथ ही यहां का स्कूली भवन भी आपदा की भेंट चढ़ चुका है। 

महिला मंडल बन्दल की प्रधान हीरामणि ने कहा कि  कि सड़क न होने से जहां आम जनमानस को दिक्कत हो रही है वहीं मरीजों को ले जाना और अधिक मुश्किल हो रहा है।

 बन्दल गांव के उदय शर्मा ने भी मीडिया के सामने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि गत वर्ष की आपदा में उनका दस कमरों के मकान सहित एक गेस्ट हाउस खत्म हो चुका है। और आज पूरा परिवार महज एक कमरे में रह कर गुज़ारा कर रहा है। उन्होंने बताया कि आपदा में जिन लोगों के मकान ढह गए थे या क्षतिग्रस्त हुए थे,  प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें मौके पर भले ही 1-1 लाख ₹ की राहत राशि थमा दी गई। लेकिन बाद में बकाया 4-4 लाख ₹ की राशि अब तक उन्हें नहीं मिल पाई है। वह चाहते हैं कि उन्हें शीघ्र बकाया राशि मिल सके ताकि वह सुरक्षित मकान बना पाए। 

 काबिल-ए-गौर है कि 2025 में आई आपदा के बाद स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू यहां “सरकार गाँव के द्वार” कार्यक्रम के तहत पहुंचे थे और ग्रामीणों से मुखातिब होते हुए उनकी समस्याएँ भी जानी। बकायदा रात्री विश्राम भी किया गया और शीघ्र हर समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया गया। जिससे ग्रामीणों की उम्मीदें भी बढ़ गई, लेकिन अब तक स्थिति में कोई खासा सुधार नहीं हुआ है। 

हालांकि उपायुक्त कुल्लू तोरुल एस रवीश ने तसल्ली से ग्रामीणों की समस्याएँ सुनी और मौके पर ही संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात करके सड़क व्यवस्था को शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए और अन्य समस्याओं के निवारण हेतु भी हर संभव कदम उठाने की बात कही।

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