शिमला : जिला शिमला के पुलिस थाना चिड़गांव के तहत एक सनसनीखेज हत्या मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 18 फरवरी 2026 को उस समय प्रकाश में आया जब 112 हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना मिली कि बड़ियारा पुल के समीप पब्बर नदी (किलोचा नाला) में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा है, जिसके दोनों हाथ-पैर कपड़े से बंधे हुए थे और काफी मात्रा में रक्त बहा हुआ था।
सूचना मिलते ही पुलिस थाना चिड़गांव की टीम तथा डीएसपी रोहड़ू मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद मृतक की पहचान राकेश प्रताप उर्फ सेती राम कामी (उम्र 36 वर्ष), निवासी डाकाडाम/2 नेपाल के रूप में हुई, जो बड़ियारा क्षेत्र में एक बागवान के यहां मजदूरी करता था। प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएफएसएल जुन्गा की फॉरेंसिक टीम और पुलिस डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल से भौतिक एवं डिजिटल साक्ष्य एकत्र किए। हत्या में प्रयुक्त पत्थर और खंजर भी बरामद कर कब्जे में लिए गए। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तथा संदिग्ध व्यक्तियों के फोटो मीडिया के माध्यम से जारी किए गए।
जांच के दौरान स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना वाले दिन मृतक को दो नेपाली मूल के युवकों के साथ देखा गया था। गहन पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर पता चला कि 17 फरवरी 2026 को दोनों आरोपी मृतक से मिलने उसके कमरे में पहुंचे थे, जहां दिन में शराब का सेवन किया गया। शाम करीब 7 बजे वे मृतक को और शराब पीने के बहाने पब्बर नदी किनारे किलोचा नाला ले गए। वहां किसी मामूली विवाद के बाद आरोपियों ने तेजधार हथियार और पत्थरों से हमला कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए आरोपियों ने मृतक का चेहरा बुरी तरह क्षत-विक्षत कर दिया और उसका मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए। वारदात के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए और अपने मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर दिए।
शिमला पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की, जिससे पता चला कि वे घटना के बाद जिला कुल्लू के कसोल और मणीकर्ण क्षेत्र में छिपे हुए हैं। चिड़गांव थाना की जांगला चौकी में प्रवासी मजदूर पंजीकरण रजिस्टर की जांच करने पर आरोपियों की पहचान ललित राणा उर्फ लक्ष्मण राणा (उम्र 20 वर्ष) और साहबीर लुवर (उम्र 21 वर्ष), दोनों निवासी भुरपावरी, जिला जजरकोट, नेपाल के रूप में हुई। रिकॉर्ड के अनुसार दोनों कुछ दिन पहले ही गांव देवीधार में मजदूरी करने आए थे और घटना वाले दिन से ही लापता थे।
दिनांक 22 और 23 फरवरी 2026 की मध्यरात्रि को चिड़गांव थाना पुलिस टीम ने कसोल (जिला कुल्लू) में दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें पुलिस थाना चिड़गांव लाया गया। आरोपियों के कब्जे से मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार मामले की जांच हर पहलू से जारी है और अन्य संभावित तथ्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
जिला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि प्रवासी मजदूरों या किरायेदारों को कार्य पर रखने अथवा मकान किराये पर देने से पहले उनका पंजीकरण निकटतम पुलिस थाना या चौकी में अवश्य करवाएं, ताकि भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि की स्थिति में समय पर पहचान सुनिश्चित की जा सके और ऐसी घटनाओं की रोकथाम हो सके।


